राजस्थान में धनकुबेर अफसर के यहां छापा, खजाना देख उड़े लोगों के होश

राजस्थान के कोटा में एंटी करप्शन ब्यूरो ने आईआरएस अफसर डॉ. सहीराम मीणा को उसके ही घर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा. जब उसके घर पर एसीबी ने छापे मारे तो अफसरों के होश उड़ गए. एसीबी को उसके घर से 2 करोड़ 35 लाख रुपये कैश, 6.25 लाख की ज्वेलरी, 25 दुकानों के कागजात, 106 रिहायशी प्लॉट, पेट्रोल पंप, मैरिज हॉल समेत कई जमीनों की जानकारी मिली.

इसके बाद गिरफ्त में आए आईआरएस डॉ. सहीराम मीणा को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने आरोपी अफसर को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है.

कैसे लगी एसीबी को खबर...

एसीबी के एडीजी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. सहीराम मीणा की संपत्ति और रिश्वत को लेकर हमें गुप्त सूचना मिली थी. वो कोटा जोन में नारकोटिक्स ब्यूरो के डिप्टी कमिश्नर पद पर तैनात है. उनके घर जब हमने छापा मारा तो करीब 100 करोड़ की संपत्ति की जानकारी मिली. इस संपत्ति में 2 करोड़ 35 लाख रुपये कैश, 6.25 लाख की ज्वेलरी, 25 दुकानों के कागजात, 106 रिहायशी प्लॉट, पेट्रोल पंप, मैरिज हॉल, कृषि भूमि, इंडस्ट्रियल एरिया में इंडस्ट्रियल जमीन, मुंबई में एक और दिल्ली में 2 आलीशान लोकेशन पर फ्लैट शामिल हैं. जांच में यह भी पता लगा है कि कोटा में उनकी अच्छी खासी संपत्ति है. यहां भी छापे में लाखों रुपये कैश बरामद हुआ है.

4 महंगी कार, 4 बड़े चक्के वाले ट्रक और भी बहुत कुछ... 

उन्होंने आगे बताया कि जमीन, कैश और ज्वेलरी के अलावा उन्हें छापे में 4 महंगी कार, 4 बड़े चक्के वाले ट्रक, 15 बैंक खाते और बैंक लॉकर्स भी मिले हैं. डॉ. सहीराम मीणा ने अपनी पत्नी प्रेमलता के नाम 42, बेटे मनीष के नाम 23 प्लॉट कर रखे हैं. उनकी भी जांच की जा रही है.

अफीम के पट्टों को लेकर लेते थे रिश्वत...

बताया जा रहा है कि राजस्थान एसीबी मुख्यालय को एक सूचना मिली थी कि अफीम लाइसेंस धारियों से नारकोटिक्स विभाग कोटा के अधिकारी अफीम पट्टा को लेकर अवैध रिश्वत लेते थे. इसके बाद एसीबी टीम ने पैसों की दलाली करने वाले कमलेश धाकड़ का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया. इसमें पता लगा कि आईआरएस हीरा मीणा रिश्वत मांग रहे हैं. इसके बाद उन्हें ट्रैप बिछाकर गिरफ्तार कर लिया गया.

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच बात बनती हुई नजर आ रही है. राज्य में कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन के बाद बीजेपी अब किसी भी सूरत में शिवसेना को अपने से अलग रखना नहीं चाहती है. शिवसेना के तल्ख तेवर के आगे बीजेपी उसकी शर्तों पर गठबंधन करने को तैयार होती दिख रही है. सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन होता है तो शिवसेना को पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं.

सूत्रों की मानें तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व गठबंधन कर लोकसभा चुनाव में साथ उतरना चाहते हैं. राज्य की 48 सीटों में से शिवसेना ने 24-24 सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बीजेपी के सामने रखा है. इसमें पालघर सीट पर भी शिवसेना ने दावा किया है, जिसे हाल ही में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की थी.

सूत्रों की मानें तो शिवसेना के लिए बीजेपी की ओर से दो अतरिक्त सीटों पर सहमति जताई है. इसके अलावा एक और सीट देने के लिए पार्टी तैयार है और साथ ही दोनों पार्टियों के बीच कुछ सीटें अदली-बदली जाएंगी. लेकिन बीजेपी किसी भी सूरत में पालघर सीट को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. सूत्रों की मानी जाए तो दोनं पार्टियों के बीच 23-25 सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है.

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. राज्य की 48 संसदीय सीटों में से शिवसेना ने राज्य में 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 सीटों में जीत हासिल की थी. वहीं, बीजेपी ने 24 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 23 पर जीत दर्ज की थी.

शिवसेना सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के साथ गठबंधन होता है तो ऐसी हालत में शिवसेना के खाते में सीटें बढ़ सकती हैं. शिवसेना अपने खाते से किसी भी अन्य के लिए कोई सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. वो चाहती है कि बीजेपी अपने कोटे से अन्य दलों को सीटें दे.

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