अर्धसैनिक बलों की हवाई मार्ग से आवाजाही को मंजूरी, शहीदों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा में राहत

नई दिल्ली. गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्ध सैन्य बलों (सीएपीएफ) के सभी जवानों को दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच आवाजाही के लिए सरकारी खर्च पर हवाई मार्ग से मंजूरी दी है। इसमें ड्यूटी और छुट्टी के दौरान की जाने वाली यात्राएं शामिल हैं। यह फैसला पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद लिया गया है। इससे सीएपीएफ के कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और एएसआई रैंक के 780,000 जवानों को फायदा होगा। वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी सीमा पर आतंकियों और नक्सलियों से लड़ रहे सैनिकों, सेना, और सुरक्षा बलों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा में विशेष राहत देने का फैसला लिया है।

कश्मीर में तैनात अर्ध सैन्य बलों के लिए दिल्ली-श्रीनगर हवाई सेवा पिछले साल 31 जुलाई से बंद थी

कश्मीर में तैनात अर्ध सैन्य बलों के आने-जाने के लिए 1 जनवरी 2018 को दिल्ली-श्रीनगर हवाई सेवा शुरू की गई थी,  लेकिन 31 जुलाई 2018 को इसे बंद कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि 1 जनवरी से हवाई सुविधा शुरू करने के आदेश की चिट्‌ठी 11 अप्रैल को जारी की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, अर्ध सैन्य बलों के जवानों के लिए दोबारा हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव चार महीने से गृह मंत्रालय में लंबित था। इसे वित्तीय कारणों से मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, जम्मू से श्रीनगर जाते समय रोड ओपनिंग और सुरक्षा प्रबंधों का खर्च भी कम नहीं है।

सीआरपीएफ ने 4 फरवरी को हवाई मार्ग से श्रीनगर जाने की मंजूरी मांगी थी
4 फरवरी से बर्फबारी के कारण जम्मू में फंसे सीआरपीएफ के जवानों को भी हवाई मार्ग से श्रीनगर पहुंचने की मंजूरी मांगी गई थी। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा था। मुख्यालय ने यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया था। लेकिन, कोई जवाब न आने पर सीआरपीएफ का काफिला 14 फरवरी को सुबह साढ़े तीन बजे जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना हो गया। दोपहर बाद 3:15 बजे आतंकी हमला हो गया।

10 अप्रैल को दे सकते हैं प्रैक्टिकल परीक्षा

इस बीच सीबीएसई ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे रहे बच्चे चाहें तो अपने शहर में परीक्षा केंद्र और परीक्षा का शहर बदल सकते हैं। साथ ही अगर किसी वजह से वे परीक्षा और प्रेक्टिकल नहीं दे पाए हैं तो उन छात्रों के लिए 10 अप्रैल को स्कूलों में फिर से प्रेक्टिकल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अगर कोई छात्र किसी सब्जेक्ट का पेपर बाद में देना चाहता है तो इसकी भी अनुमति दी गई है। इसके लिए छात्र को इसकी सूचना स्कूल के जरिए 28 फरवरी तक देनी होगी। 

'प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की'

सुरजेवाला ने एक फोटो दिखाते हुए कहा, "उनकी (मोदी की) शाम की नौका विहार की फोटो स्थानीय अखबारों में छपी हैं। एक और पीड़ादायक बात यह भी है कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की। क्योंकि सरकारी खर्चे पर की जाने वाली सभाएं और योजनाएं बंद न हो जाएं। 16 फरवरी 2019 को शहीदों के ताबूत उनके कफन दिल्ली एयरपोर्ट पर थे। मोदी वहां झांसी से 1 घंटा लेट पहुंचे। वे पहले अपने घर गए, फिर वहां से एयरपोर्ट पहुंचे।"

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